सुभद्रांगी का जीवन परिचय व इतिहास 2022 | Subhadrangi Biography in Hindi

सुभद्रांगी (अंग्रेजी: Subhadrangi) को प्राचीन भारत के इतिहास में धर्मा, जनपद कल्याणी, सम्राट अशोक की माता के नाम से भी जाना जाता है। उसके पुत्र अशोक के बारे में ज्योतिष ने बहुत बड़ी भविष्यवाणी की थी। यह भविष्यवाणी अशोक के चक्रवती सम्राट बनने के बारे में थी।

अशोक सुभद्रांगी का ज्येष्ठ पुत्र था जिसने भारत के इतिहास में सुनहरे पन्ने जोडे़। उसकी माता जन्म से एक राजकुमारी नहीं थी। सौभाग्यवश सुभद्रांगी का विवाह मौर्य साम्राज्य के तत्कालीन शासक बिंदुसार मौर्य के साथ हुआ था।

सुभद्रांगी का परिचय (Introduction to Subhadrangi)

नामसुभद्रांगी (Subhadrangi)
अन्य नामधर्मा
जन्मतीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में, चंपा, पाटलिपुत्र के नजदीक एक शहर (वर्तमान बिहार, भारत)
पिताएक सामान्य ब्राह्मण
पतिबिंदुसार मौर्य
पुत्रसम्राट अशोक और विताशोक
ससुरचंद्रगुप्त मौर्य
सासदुर्धरा और हेलेना
धर्महिंदू
विवाह के बाद घरानामौर्य साम्राज्य
प्रसिद्धि का कारण अशोक महान की माता, बिंदुसार मौर्य की पत्नी, मौर्य साम्राज्य की महारानी
मृत्यु285 ईसा पूर्व, पाटलिपुत्र, प्राचीन भारत

सुभद्रांगी चक्रवती सम्राट अशोक की माता व बिंदुसार मौर्य की पत्नी थी। उसका जन्म एक मध्यमवर्गीय ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनका परिवार पाटलिपुत्र के नजदीक ‘चंपा’ नामक एक कस्बे में रहता था।

जब सुभद्रांगी का जन्म हुआ था तो उसके पिता ने उसका भविष्य जानने के लिए उसकी कुंडली को एक ज्योतिषी को दिखाया। ज्योतिषी ने भविष्यवाणी की कि वह महारानी बनेगी और उसका एक पुत्र चक्रवर्ती सम्राट बनेगा जो पूरे भारत पर शासन करेगा।

क्योंकि सुभद्रांगी एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी थी और उसके परिवार का किसी शाही खानदान के साथ कोई संबंध नहीं था। तो उसके रानी बनने की भविष्यवाणी कुछ अधूरी सी दिखती थी।

कई घटनाक्रमों के बाद, बिंदुसार मौर्य के साथ उसका विवाह हो गया था। उन्होंने अशोक को जन्म दिया जो कि आगे चलकर मौर्य साम्राज्य का उत्तराधिकारी बना। पुत्र अशोक ने पूरे भारत पर अपना परचम लहराया और पूरे विश्व में अपना नाम बनाया। 

Subhadrangi Biography in Hindi | सुभद्रांगी का जीवन परिचय
सुभद्रांगी का जीवन परिचय (Subhadrangi Biography in Hindi)

पिता के साथ पाटलिपुत्र में (In Patliputra with Her Father)

एक दिन सुभद्रांगी अपने पिता के साथ पाटलिपुत्र गई। पाटलिपुत्र उस समय मौर्य साम्राज्य की राजधानी थी। बिंदुसार मौर्य साम्राज्य का सम्राट था जो राजधानी पाटलिपुत्र में रहता था। उस समय मौर्य साम्राज्य के प्रधानमंत्री भी आचार्य चाणक्य ही थे। 

उसके पिता ने बिंदुसार को अपनी पुत्री से विवाह करने के लिए प्रस्ताव रखा। सम्राट बिंदुसार ने कोई सीधा जवाब न देकर, उसे अपने हरम में रख लिया। शाही हरम में बिंदुसार की अन्य 15 पत्नियां भी रहती थी जो उस (Subhadrangi) की अति सुंदरता से जलती थी। 

सुभद्रांगी को सौंपा नाई का काम (The Work of Barber for Subhadrangi)

शाही हरम में, बिंदुसार की पत्नियों ने सुभद्रांगी को राजा से दूर रखने का प्रयत्न किया। उसकी मान मर्यादा को गिराने के लिए उसे नाई का काम सौंप दिया। धीरे-धीरे वह नाई का काम भी बहुत अच्छे तरीके से करने लगी और यहां तक कि वह राजा के बाल संवारने व दाढ़ी बनाने का काम भी करने लगी। 

एक दिन राजा उसके द्वारा बनाए हुए बाल और दाढ़ी से प्रसन्न हुए और कहा कि उसकी एक इच्छा जरूर पूरी की जाएगी। तब उसने राजा को कहा कि वह उनके साथ विवाह करना चाहती है। परंतु, बिंदुसार ने मना कर दिया क्योंकि वह एक क्षत्रिय थे जो एक निम्न कुल की स्त्री के साथ मेल नहीं कर सकते थे। 

तो उसने बताया कि वह एक ब्राह्मण है और ब्राह्मण एक निम्न कुल नहीं है। नाई का काम तो शाही हरम की रानियों ने उसे जानबूझकर सौंपा था। 

सुभद्रांगी का विवाह और पुत्र की प्राप्ति (Marriage of Subhadrangi and Born to a Son)

सुभद्रांगी की खूबसूरती व व्यवहार से प्रसन्न होकर बिंदुसार ने उसे अपनी रानी के रूप में स्वीकार कर लिया और उसके साथ विवाह कर लिया। उसे शाही हरम की महारानी घोषित कर दी गई। सुभद्रांगी को दो पुत्रों की प्राप्ति हुई थी (Sons of Subhadrangi) – अशोक और विताशोका। उसके बड़े बेटे का नाम अशोक था और छोटे बेटे का नाम विताशोका था।

बिंदुसार ने अपने पुत्र अशोक को कभी पसंद नहीं किया क्योंकि उसका शरीर सुंदर नहीं था। उसके पिता ने उसे कभी प्रेम नहीं किया और उसके सौतेले भाई सुसीम को अपना प्रिय पुत्र बना लिया। 

अशोक को उसका नाम “अशोक” इसलिए दिया गया था क्योंकि जब उसका जन्म हुआ था तो उसने अपनी माता धर्मा को बहुत कम कष्ट दिया था। और विताशोका का नाम “विताशोका” इसलिए रखा गया था क्योंकि उसके जन्म के वक्त उसकी माता को असह्य कष्ट हुआ था।

Bindusara husband of Subhadrangi  बिंदुसार मौर्य - सुभद्रांगी के पति
बिंदुसार मौर्य – सुभद्रांगी के पति

सुभद्रांगी के पुत्र पर एक ज्योतिषी की भविष्यवाणी (Forecast of an Astrologer on Subhadrangi’s Son)

सुभद्रांगी के दोनों पुत्र बड़े हो गए थे। महल में एक दिन एक ज्योतिषी आए हुए थे जिनका नाम पिंगल वत्स था। बिंदुसार ने उनसे पूछा कि आने वाले समय में उसके बाद कौन सा राजकुमार सम्राट बनेगा?

अशोक की तरफ इशारा करते हुए, पिंगल वत्स ने उसे योग्य शासक ठहराया। राजा के भय से उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया क्योंकि वे जानता था कि राजा अशोक को पसंद नहीं करते।

सभा खत्म हो जाने के बाद अशोक की माता ने पिंगल वत्स को महल छोड़ने के लिए कहा ताकि बिंदुसार से वे बच सकें। धर्मा को लगता था कि अशोक की तरफ इशारा करने पर बिंदुसार क्रोधित हो गये थे।

अशोक ने अपने 99 भाइयों का कत्ल कर दिया (Ashoka Killed His 99 Brothers)

अशोक के पिता बिंदुसार चाहते थे कि उनके बाद उनके प्रिय पुत्र सुसीम राजा बने ना कि अशोक। जबकि अशोक चाहता था कि वह राजा बने क्योंकि उसे कई ज्योतिषियों और देवताओं ने योग्य शासक ठहराया था। 

अशोक उज्जैन का वायसराय था। एक समय, जब उसके पिता की तबीयत बहुत खराब हो गई थी तो वह उज्जैन से पाटलिपुत्र आ गया और अपने 99 भाइयों का वहीं महल में ही कत्ल कर दिया। उसका एक भाई सुसीम तक्षशिला गया हुआ था जिसे रस्ते में ही अपने सहायक की मदद से मरवा दिया। 

अशोक ने अपने सगे भाई विताशोका को छोड़कर अन्य सभी 99 सौतेले भाइयों का कत्ल कर दिया।

सुभद्रांगी की मृत्यु (Death of Subhadrangi)

सुभद्रांगी की मृत्यु 285 ईसा पूर्व में पाटलिपुत्र में हुई थी। उनकी मृत्यु के समय उनका पुत्र अशोक पूरे भारत का राजा बन चुका था। उनके ऊपर की गई भविष्यवाणी अब सच हो गई थी।

अशोक अपनी मां से बहुत मोहब्बत करता था। उसने बौद्ध धर्म को चुनकर, अपनी मां धर्मा की याद में धम्म की स्थापना की थी। 

चक्रवर्ती अशोक सम्राट” सीरियल की थीम

FAQs

धर्मा कौन थी?

सम्राट अशोक की माता का नाम धर्मा था। उन्हें इतिहास में सुभद्रांगी के नाम से भी जाना जाता है। वह चंद्रगुप्त मौर्य की पत्नी थी। धर्मा का जन्म एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था परंतु विवाह मौर्य साम्राज्य के सम्राट बिंदुसार के साथ हुआ था।

रानी धर्मा के कितने पुत्र थे?

रानी धर्मा के 2 पुत्र थे – अशोक और विताशोका। अशोक रानी धर्मा का बड़ा बेटा था जो मौर्य साम्राज्य का राजा बना और चक्रवर्ती सम्राट के रूप में जाना गया।

मौर्य साम्राज्य का अंतिम सम्राट कौन था?

मौर्य साम्राज्य का अंतिम सम्राट बृहद्रथ था जिसे उसके सेनापति ने मार कर शुंग शासन की स्थापना की।

अशोक की माता का क्या नाम था?

सम्राट अशोक की माता का नाम सुभद्रांगी था जिन्हें धर्मा के नाम से भी जाना जाता है। अशोक उनका बड़ा बेटा था जो बिंदुसार के बाद मौर्य साम्राज्य का चक्रवर्ती सम्राट बना। उसकी माता को एक ज्योतिषी ने बताया था कि उनका एक पुत्र महान सम्राट बनेगा।

सुभद्रांगी जी की मृत्यु कब हुई थी?

285 ईसा पूर्व को पाटलिपुत्र में रानी सुभद्रांगी की मृत्यु हुई थी।

मुझे उम्मीद है दोस्तों आपको यह सुभद्रांगी (Subhadrangi) का जीवन परिचय व इतिहास समझ में आया होगा। इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना मत भूलना। यहां तक पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

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