हरिलाल गांधी का जीवन परिचय 2022 | Harilal Gandhi Biography & History in Hindi

Harilal Gandhi biography and history in Hindi – हरिलाल गांधी को हीरालाल गांधी के नाम से भी जाना जाता है। उनके पिता का नाम मोहनदास करमचंद गांधी तथा माता का नाम कस्तूरबा गांधी था। हरिलाल अपने माता-पिता की सबसे बड़ी संतान थे। वह अपने पिता महात्मा गांधी की तरह देश की स्वतंत्रता के कार्यक्रमों में शामिल हुए थे।

आज इस पोस्ट में हम हरिलाल गांधी के जीवन परिचय व उनके इतिहास को जानेंगे. (Harilal Gandhi biography and history in Hindi)

हरिलाल गांधी का परिचय (Introduction to Harilal Gandhi)

नाम (Name)हरिलाल गांधी (Harilal Gandhi)
पूरा नाम (Full name)हरिलाल मोहनदास गांधी
दूसरा नाम (Other name)हीरालाल गांधी
जन्म (Birth)23 अगस्त 1888, दिल्ली, ब्रिटिश इंडिया
माता (Mother)कस्तूरबा गांधी
पिता (Father)मोहनदास करमचंद गांधी
भाई (Brother)मणिलाल, रामदास, देवदास
बहिन (Sister)नहीं
पत्नी (Wife)गुलाब गांधी
पुत्र (Sons)कांतिलाल, रसिकलाल, शांतिलाल
पुत्री (Daughters)रानी, मनु
दादा (Grandfather)करमचंद गांधी
दादी (Grandmother)पुतलीबाई गांधी 
प्रसिद्धि का कारण (Reason of Fame)महात्मा गांधी के पुत्र
मृत्यु (Death)18 जून 1948, मुंबई, भारत
उम्र (Age)59 वर्ष
हरिलाल गांधी (Harilal Gandhi)
हरिलाल मोहनदास गांधी

हरिलाल गांधी का जन्म 23 अगस्त 1888 को दिल्ली में हुआ था। उनके पिता मोहनदास करमचंद गांधी तथा माता कस्तूरबा गांधी थी। जब हरीलाल का जन्म हुआ था, उस समय उनके पिता मोहनदास की उम्र 18 वर्ष थी।

हरिलाल के जन्म के बाद ही, उसके पिता मोहनदास अपनी पढ़ाई हेतु इंग्लैंड चले गए थे। उसके बाद बालक हरिलाल अपनी माता कस्तूरबा व दादी मां पुतलीबाई के साथ भारत में ही रहे थे।

हरिलाल अपने माता-पिता के सबसे बड़े पुत्र थे। उनके तीन छोटे भाई मणिलाल, रामदास, तथा देवदास थे। परंतु, दुर्भाग्यवश उनकी कोई बहन नहीं थी।

हरिलाल के जन्म से पहले उनकी माता कस्तूरबा को एक और संतान की प्राप्ति हुई थी। परंतु, यह संतान जन्म के कुछ ही समय बाद मृत्यु को प्राप्त हो गई थी। उस संतान के बाद हरिलाल का जन्म हुआ था।

हरिलाल गांधी का जीवन परिचय (Harilal Gandhi Biography & History in Hindi)
हरिलाल गांधी का जीवन परिचय (Harilal Gandhi biography & history in Hindi)

हरिलाल गांधी की पत्नी व बच्चे (Wife and children of Harilal Gandhi)

हरिलाल गांधी ने 1906 ईस्वी में गुलाब देवी से विवाह किया। इस विवाह के बाद उन्होंने 5 बच्चों को जन्म दिया। जिनमें उनकी दो बेटियां – रानी व मनु तथा तीन बेटे – कांतिलाल, रसिकलाल, व शांतिलाल थे।

1918 में आई महामारी इनफ्लुएंजा के कारण उनकी पत्नी गुलाब गांधी की मृत्यु हो गई। 

अपनी पत्नी की मृत्यु के बाद, वे अपने बच्चों से भी जुदा-जुदा से महसूस करने लगे थे। उन्होंने विचार किया कि वह अपनी पत्नी की बहन कुम्मी अदालाजा से विवाह कर लेंगे। परंतु, यह बात कभी अमल में नहीं आई और उन्होंने दूसरा विवाह नहीं किया। वह धीरे-धीरे अवरोहण की ओर अग्रसर हो गए और उन्होंने शराब पीनी शुरू कर दी।

हरिलाल के पुत्र रसिक लाल और शांति लाल की छोटी उम्र में ही मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद उनके अब एक पुत्र और 2 पुत्री ही जीवित बची थी।

हरिलाल गांधी के सात पौत्र-पौत्रियां थे। उनके चार पौत्र-पौत्रियां – अनुश्रेया, प्रबोध, नीलम सोलंकी और नवमालिका है जो उनकी पुत्री रानी से उत्पन्न हुए।

शांति और प्रदीप उनके पुत्र कांतिलाल से उत्पन्न हुए तथा उनकी पुत्री मनु से उर्मी उत्पन्न हुई। इस तरह उनके सात पौत्र-पौत्रियां हैं।

हरिलाल की स्वतंत्रता आंदोलन में भागीदारी (Participation in the Freedom Movement)

मोहनदास करमचंद गांधी इंग्लैंड से अध्ययन करने के बाद, वे देश को आजाद कराने के पथ पर निकल पड़े थे जिसकी वजह से वे राजनीति कार्यों से जुड़ गए। उनके पुत्र हीरालाल भी देश को आजाद कराने के आंदोलन में भी शामिल हो गए थे जिसकी वजह से उनको 1908 तथा 1911 के बीच में 6 बार जेल भेजा गया था।

अपने देश को आजाद कराने के इस अभियान में उन्होंने काफी सहायता की। और वे राजनीतिक कार्यों में भी सम्मिलित हो गए तथा सभी लोग उनको छोटे गांधी के नाम से पुकारने लगे थे। क्योंकि सभी लोग मोहनदास गांधी को महात्मा गांधी/गांधीजी के नाम से जानते थे जिसकी वजह से उनके पुत्र हरिलाल को छोटे गांधी के नाम से जाना जाने लगा।

शिक्षा के लिए इंग्लैंड जाने की हरिलाल की जिद (Harilal’s insistence on going to England for education)

हरिलाल अपनी उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड जाना चाहते थे। अपने पिता की तरह वह भी बैरिस्टर की शिक्षा लेना चाहते थे ताकि वे वकील बन सके।

परंतु उनके पिता मोहनदास ने मना कर दिया और विश्वास दिलाया कि विदेशी उच्चतर शिक्षा देश को आजाद कराने में कोई योगदान नहीं देगी। इस निर्णय से हरिलाल निराश हो गए।

इसी निर्णय की वजह से पिता और पुत्र दोनों के बीच में तनाव पैदा हो गया। धीरे-धीरे यह तनाव और बढ़ता गया और हरिलाल ने अपने पिता के निर्णय को स्वीकारना मना कर दिया। 

इसके बाद हरिलाल इंग्लैंड तो नहीं गए, परंतु अपने बैरिस्टर की पढ़ाई के सपने को पूरा नहीं कर पाए। 1911 में उन्होंने अपने पारिवारिक संबंधों को त्याग दिया।

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गांधी परिवार में आंतरिक सम्बन्ध (Relations in Gandhi Family)

मोहनदास गांधी का परिवार सुख समृद्ध था। मोहनदास के पिता एक दीवान थे। 

मोहनदास व उनकी पत्नी कस्तूरबा गांधी देश को स्वतंत्रता दिलाने में लगे हुए थे। हरिलाल व उनके अन्य भाई भी देश भक्ति में शामिल हो गए थे। 

जैसा कि आपने ऊपर पढ़ा कि गांधी जी व उनके सबसे बड़े पुत्र हरिलाल के बीच में तनाव बढ़ गया और बाद में यही तनाव हरिलाल के पारिवारिक संबंधों से त्याग लेने का कारण बना।

जिसके बाद, हरिलाल ने अपने आप को लगभग सभी से दूर कर लिया था। जब उनके पिता का अंतिम संस्कार किया गया था तब वह आए थे। वहां पर कुछ एक व्यक्तियों को छोड़कर, कोई भी उनको पहचान नहीं पाए थे।

जून 1935 में महात्मा गांधी ने हरिलाल (Harilal Gandhi) को शराब और अय्याशी वाली जिंदगी जीने के लिए फटकार लगाई। ‌उन्होंने यह बातें मौखिक रूप से न कहकर, पत्र के माध्यम से भेजी थी जो आज भी संरक्षित है।

हरिलाल गांधी का मुस्लिम धर्म में बदलना (Conversion of Harilal Gandhi to Muslim religion)

मई 1936 में हरिलाल गांधी ने अपने आपको मुस्लिम धर्म में बदल लिया। उस समय उनकी उम्र 48 वर्ष थी और इस बदलाव के उपरांत उन्होंने अपना नाम अब्दुल्ला गांधी रख लिया।

परंतु इस धर्म बदलाव से उनकी माता बिल्कुल भी खुश नहीं थी और उन्होंने अपने पुत्र को समझाया कि वह वापस हिंदू धर्म में परिवर्तन कर ले। 

उसी साल 1936 के अंतिम महीने में हरिलाल ने अपने आपको वापस हिंदू धर्म में बदल लिया और अपना नया नाम रखा। उनका नया नाम हीरालाल गांधी था।

हरिलाल गांधी की मृत्यु (Death of Harilal Gandhi)

हरिलाल गांधी की मृत्यु ट्यूबरक्लोसिस (टी. बी.) के कारण 18 जून 1948 की रात को मुंबई में हुई थी। उस समय उनकी उम्र 59 वर्ष थी।

उनकी मृत्यु से 4 महीने पहले ही उनके पिता महात्मा गांधी की मृत्यु हुई थी।

कुछ स्रोतों के मुताबिक उनकी मृत्यु मुंबई के मुंसिपल हॉस्पिटल में हुई थी और उनका मृत्यु प्रमाण पत्र संभाल कर रखा गया है। 

पारिवारिक संबंधों को त्यागने के बाद, उन्होंने कभी यह घोषणा नहीं की कि वे महात्मा गांधी के पुत्र हैं। अपने पिता के अंतिम संस्कार पर भी बहुत कम लोगों ने उनको पहचाना था कि वह हरिलाल है।

FAQs

महात्मा गांधी के कितने बच्चे थे?

महात्मा गांधी के चार बच्चे थे। चारों ही पुत्र थे उनके बेटों का नाम हरिलाल, मणिलाल, रामदास तथा देवदास गांधी था।

महात्मा गांधी के बच्चों का क्या नाम था?

महात्मा गांधी के 4 बच्चे थे जो सभी पुत्र थे उनके नाम हरिलाल, मणिलाल, रामदास, तथा देवदास थे।

महात्मा गांधी की बेटी का नाम क्या था?

महात्मा गांधी के घर बेटी का जन्म नहीं हुआ था। उनके घर में चार पुत्रों का जन्म हुआ था जिनके नाम हरिलाल, मणिलाल, रामदास तथा देवदास थे।

गुलाब गांधी कौन थी?

महात्मा गांधी के पुत्र हरिलाल गांधी की पत्नी का नाम गुलाब गांधी था। अर्थात गुलाब गांधी महात्मा गांधी की पुत्रवधू थी।

महात्मा गांधी की कितनी बहने थी?

महात्मा गांधी की एक बहन थी जिनका नाम रलिअत बहन (Raliatbehn) था।

करमचंद गांधी के कितने पुत्र थे?

करमचंद गांधी के 3 पुत्र थे – लक्ष्मीदास, करसनदास, व मोहनदास। उनकी एक पुत्री भी थी जिसका नाम रलिअत बहन (Raliatbehn) था। मोहनदास ही करमचंद गांधी के सबसे छोटे पुत्र थे जो महात्मा गांधी के नाम से जाने गए

आपने हरिलाल गांधी के जीवन परिचय (Harilal Gandhi biography in Hindi) से नया क्या सीखा? वो आप कॉमेन्ट करके जरूर बताना। यहाँ तक पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। जय हिन्द, वन्दे मातरम्!

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