जीजाबाई का जीवन परिचय व इतिहास 2022 | Biography of Jijabai in Hindi

जीजाबाई (अंग्रेजीः Jijabai; 12 जनवरी 1598 – 17 जून 1674) छत्रपति शिवाजी महाराज की माता थी। उन्होंने अपने पुत्र शिवाजी महाराज को प्राचीन भारत के महान इतिहास, रामायण, महाभारत जैसे ग्रंथों का ज्ञान दिया। उन्होंने शिवाजी को उन सभी गुणों व कर्तव्यों के बारे में बताया जिन्हें एक महान आदर्श व्यक्ति अपनाता है। 

जीजाबाई को मराठा साम्राज्य की राजमाता तथा जीजाऊ भी कहा जाता है क्योंकि उन्होंने ही मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज को जन्म दिया था। तो आइए जानते हैं उनके जीवन परिचय के बारे में (Biography and history of Jijabai in Hindi)।

जीजाबाई का परिचय (Introduction to Jijabai)

नामजीजाबाई भोसले (Jijabai Bhosale)
जन्म12 जनवरी 1598, जिजाऊ महल, सिंदखेड़ राजा क्षेत्र ( वर्तमान महाराष्ट्र)
मातामहालसाबाई जाधव
पितालखुजी जाधव
पतिशाहजी भोसले
पुत्रसंभाजी भोंसले, छत्रपति शिवाजी महाराज
बहू सईबाई, सोयराबाई तथा 6 अन्य
पोतासंभाजी महाराज, राजाराम प्रथम
धर्महिन्दू
परिवार (विवाह से पहले)जाधव
परिवार (विवाह के बाद)मराठा
प्रसिद्धि का कारणमराठा साम्राज्य की राजमाता, छत्रपति शिवाजी की माता
मृत्यु17 जून 1674, पचाड़ , पुणे (महाराष्ट्र)
उम्र76 वर्ष

जीजाबाई का जन्म 12 जनवरी 1598 को जिजाऊ महल, सिंदखेड राजा क्षेत्र (वर्तमान महाराष्ट्र) में हुआ था। उनके पिता लखुजी जाधव थे जो निजाम शाही सुल्तान के दरबार में एक जागीरदार थे। लखुजी उसके राज्य के एक छोटे हिस्से को संभाला करते थे। उनकी माता का नाम महालसाबाई जाधव था।

जीजाबाई जाधव परिवार में जन्मी थी जिनका धर्म हिंदू था। तत्कालीन रीति-रिवाजों के अनुसार संभवतया उनका विवाह छोटी उम्र में ही शाहजी भोंसले के साथ कर दिया गया था।

विवाह के बाद उनका उपनाम अब जाधव न रहकर भोंसले बन गया था। जिसके बाद से उन्हें जीजाबाई भोंसले के नाम से जाना गया।

जीजाबाई
माता जीजाबाई
(स्रोत: in.pinterest.com)

जीजाबाई की संताने (Children of Jijabai)

जीजाबाई तथा शाहजी भोंसले के दो पुत्र थे- संभाजी भोसले तथा छत्रपति शिवाजी भोसले।

संभाजी भोसले उनके बड़े बेटे थे जिनका जन्म 1630 के आसपास हुआ था। शिवाजी भोंसले उनके छोटे बेटे थे जिनका जन्म 1633 ईस्वी को हुआ था। 

भोंसले परिवार लालमहल में रहता था जो उनका आवास स्थान था।

शाहजी भोंसले बीजापुर के शासक आदिलशाह के दरबार में एक जागीरदार थे। जिसकी वजह से वह लालमहल को छोड़कर के बीजापुर में जाकर रहने लगे। वह अपने बड़े बेटे संभाजी को भी वहीं लेकर चले गए। 

उनका छोटा बेटा शिवाजी तथा पत्नी जीजाबाई अब लाल महल में ही रहते थे। जिनके साथ दादा कोंडदेव, सहायक, तथा कई अन्य लोग भी रहा करते थे।

जिसकी वजह से बालक शिवाजी का पालन-पोषण उनकी माता (Jijabai) ने किया तथा उनके दादा कोंडदेव ने उन्हें शिक्षा दी।

संभाजी अपने पिता शाहजी के साथ बीजापुर में ही रहते थे। कहा जाता है कि 1654 में आदिल शाह के सेनापति अफजल खान ने उनकी हत्या कर दी।

जब 1657 में शिवाजी को एक पुत्र की प्राप्ति हुई जिसका नाम उन्होंने अपने बड़े भाई की याद में “संभाजी” रखा।

जीजाबाई अपने बेटे शिवाजी के साथ
जीजाबाई अपने बेटे शिवाजी के साथ
(Source: wikipedia.org)

छत्रपति शिवाजी महाराज को सिखाये महान शासक के गुण (Emperor Qualities of Shivaji Maharaj)

छत्रपति शिवाजी महाराज जब 12 वर्ष के थे तब उन्हें उनके पिता शाह जी की पुणे की जागीर प्राप्त हुई और 1645 से उन्होंने वहां पर शासन शुरू कर दिया और बालक शिवाजी ने धीरे-धीरे अपने साथियों तथा सेनापति हंबीरराव मोहिते के साथ मिलकर के अपनी सेना बना ली। जिसकी वजह से उन्होंने किसानों को आदिलशाह के अत्याचार से मुक्त किया तथा उन्हें खाने के लिए अन्न दिया। 

छत्रपति महाराज ने अपने तेज दिमाग सैन्य बल से मुगलों के बहुत सारे किलो पर अधिकार कर लिया था। सभी मराठों को एक साथ इकट्ठा करके उनमें स्वराज्य की भावना को प्रेरित किया।

उनके व्यक्तित्व का निर्माण उनकी माता (Jijabai) ने ही किया था जिनके सारे गुण इतिहास के पन्नों पर स्वर्णिम अक्षरों से लिखे गए हैं। शिवाजी ने हर एक स्त्री को मां समान समझा तथा उन्हें अत्याचारों से मुक्त करवाया।

उन्होंने मुसलमान तथा हिंदुओं के बीच में कभी विभेदन नहीं किया। उन्होंने सभी धर्मों को सम्मान रूप से देखा।

उन्होंने ये सारे गुण अपनी माता जीजाबाई से ही सीखे थे।

जीजाबाई की मृत्यु (Death of Jijabai)

जीजाबाई की मृत्यु 17 जून 1674 को पचाड़ (मराठा साम्राज्य का क्षेत्र, वर्तमान महाराष्ट्र) में हुई थी। जीजा बाई की मृत्यु के समय उनकी उम्र 76 वर्ष थी। उनकी मृत्यु से 10 साल पहले यानी कि 1664 को उनके पति शाहजी का देहांत हो गया था।

जीजाबाई मराठा साम्राज्य की राजमाता के नाम से जाना गया। उन्होंने शिवाजी महाराज को एक योग्य शासक बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई। 

शिवाजी महाराज में वीरता व स्वतंत्रता की चिंगारी उन्हीं के विचारों से उत्पन्न हुई थी।

बार-बार पूछे गए प्रश्न (FAQs)

प्रश्न : जीजाबाई कौन थी?

उत्तर- जीजाबाई छत्रपति शिवाजी महाराज की माता तथा शाहजी भोंसले की पत्नी थी। उनका जन्म 12 जनवरी 1598 को वर्तमान महाराष्ट्र में हुआ था। उन्होंने अपने बेटे शिवाजी को एक महान शासक बनाने तथा मराठा साम्राज्य के हर एक कार्य में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दिया। उनकी मृत्यु 17 जून 1674 को हुई थी।

प्रश्न : शिवाजी महाराज की माता का क्या नाम था?

उत्तर- जीजाबाई।

प्रश्न : जीजाबाई का जन्म कब हुआ था?

उत्तर- 12 जनवरी 1598 जिजाऊ महल, शिंदखेड़ा राजा क्षेत्र (वर्तमान महाराष्ट्र) में हुआ था।

प्रश्न : जीजाबाई के कितने पुत्र थे?

उत्तर- जीजाबाई के 2 पुत्र थे- संभाजी तथा शिवाजी। संभाजी उनके बड़े बेटे थे।

प्रश्न : शाहजी भोंसले कौन थे?

उत्तर- शाहजी भोंसले छत्रपति शिवाजी महाराज के पिता तथा जीजाबाई के पति थे। उन्होंने बीजापुर के शासक आदिलशाह के दरबार में एक जागीरदार का कार्य किया।

प्रश्न : जीजाबाई की मृत्यु कब हुई थी?

उत्तर- 17 जून 1674‌ को पचाड़ (वर्तमान महाराष्ट्र) में।

अन्य पढ़ेंः शाहू महाराज का जीवन परिचय

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